सोच

सुंदरता हो न हो
सादगी होनी चाहिए
खुशबू हो न हो
महक होनी चाहिए
रिश्ता हो न हो
भावना होनी चाहिए
मुलाकात हो न हो
बात होनी  चाहिए
यूं तो उलझे है सभी
अपनी उलझनों में
पर सुलझाने की कोशिश
हमेशा होनी चाहिएं ।

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

किसान की महत्ता को समझना आवश्यक

डॉ हेडगेवार ध्येयनिष्ठ राष्ट्रभक्त एंव भविष्यदृष्टा थे