संदेश

जून, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

रोष

तीन बरस की गुड़िया तिल तिल मरके आखिर चली गयी, आज अली के गढ़ में बिटिया राम कृष्ण की छली गयी, नन्हे नन्हे पंख उखाड़े, मज़हब के मक्कारों ने, देखो कैसे ईद मनाई,दो दो रोज़ेदारों ने, कोमल अ...

सोच

सुंदरता हो न हो सादगी होनी चाहिए खुशबू हो न हो महक होनी चाहिए रिश्ता हो न हो भावना होनी चाहिए मुलाकात हो न हो बात होनी  चाहिए यूं तो उलझे है सभी अपनी उलझनों में पर सुलझाने की...

कल्पना

कुछ गैर ऐसे मिले, जो मुझे अपना बना गए। कुछ अपने ऐसे निकले जो गैर का मतलब बता गए। दोनो का शुक्रिया दोनों जिंदगी जीना सीखा गए।               *_🚩🏹जय श्री राम🏹🚩_*