जाने कितने झूले थे फाँसी पर, कितनो ने गोली खाई थी, क्यो झूठ बोलते हो साहब, कि चरखे से आजादी आई थी.... चरखा हरदम खामोश रहा, और अंत देश को बांट दिया.... लाखों बेघर, लाखो मर गए, जब गाँधी ने बं...
तीन बरस की गुड़िया तिल तिल मरके आखिर चली गयी, आज अली के गढ़ में बिटिया राम कृष्ण की छली गयी, नन्हे नन्हे पंख उखाड़े, मज़हब के मक्कारों ने, देखो कैसे ईद मनाई,दो दो रोज़ेदारों ने, कोमल अ...
सुंदरता हो न हो सादगी होनी चाहिए खुशबू हो न हो महक होनी चाहिए रिश्ता हो न हो भावना होनी चाहिए मुलाकात हो न हो बात होनी चाहिए यूं तो उलझे है सभी अपनी उलझनों में पर सुलझाने की...